Life as it is

9 12 2011

Life as it is

Just keep going, keep flowing

Hitting pebbles here and there

Touching the bank up and below

 

Flying down, deep like a gorge

Hitting hard

Rising again with pride. Shamelessly.

 

Tearing away with all gusto

Bending its might, turning away

Coming again with all force – knowingly – failing

Beating again and again

 

Genteel, calm, swift, shimmering with sparkles

Open wide to lay bare

Giving away with quiet tears

Taking all that come, return only

Slowly touching the base, leaving as it comes

Liberated.

 

In fumes, evaporated in namelessness

Ethereally blending into one – into all – into none.

Rubbed off forever. Look again, look behind!





कच्चे

5 11 2011

कच्ची धूप का सिरहाना लिए
उस मोड़ की पतली डगर
पिपली पेड़ का कोना लिए
दूर कहीं गोता लगाये

आओं चले हम
कहीं ऐसी नगर को
जहाँ अपनी ही दुनिया हो
अपनों में ही दुनिया हो

मीठी-मीठी सी खुशबू
घुली मिटटी का ओछा लिए
चुटकी भर सीत हवा, गुदगुदाए

वादियों से सिला रुस्तम कोहरा
धीमी-धीमी, धुंधली-धुंधली
ठहरा हुआ, सिमटा-सिमटा ये समा

रुके क्यों, क्यों थमे
थामे हाथों में हाथ, उगे

एक-एक कदम बुने उस कच्ची सड़क पर
सुरली डंडी पर तोड़ते दम
आए, हम आए लिप-लिपि सी बादलों को चीरकर

चांदी के चाँद को पीए
चांदनी के लेप से नहाए
कस-कसकर चूमे नरम रेशमी हवाएं
भर-भरकर सिसकती सिसकियाँ

सुनहरी धूप का कुल्हा किए
ज़िन्दगी जिंदादिली की गुन-गुन
महक कच्चे आम का
किर-किरहाये रूठे भुरे पत्ते

चले हम, फिर से, नज़र में धूल जिगर में गुब्बार लिए





तो शायद सुकून मिले

24 07 2010

कुछ यादें, कुछ बातें
छोड़ जाते हैं निशाँ

लम्बे वक़्त का मरहम
मगर चुभन जाती नहीं

भूलना चाहे, तो भूल जाते
मगर वो एहसास जाता नहीं

बीते पल फिर लौट आये
साए जैसे जाग जाए
इन्हें फिर दफना दूं
तो शायद सुकून मिले

घाव खुरेदें, लघु फूंट निकले
चोंट और दर्द ताज़ा हो गए
इन्हें फिर सह जाऊं
तो शायद सुकून मिले

वक़्त की नुकीली लहरें फिर टकराई
टूट गया बाँध
इन्हें फिर से बनाऊ
तो शायद सुकून मिले

कोशिश ही सहारा
बार-बार गिरना
और बार-बार उठना, दौड़ना

इस रफ़्तार की होड़ में, भीड़ की आड़ लिए
खुद से भागना – एक बेगाना, अनजाना

अब –
उन सायो से डर नहीं लगता
उन घावों की चुभन नहीं होती
वो बाँध भी नहीं टूटती

इन कोशिशों से, अब, थकान नहीं होती
तो, अब, शायद सुकून मिले?





कुछ रिश्ते

2 07 2010

कुछ रिश्ते
न कहे जाये. न बोले जाये,
न सुने जाये, न देखे जाये

बस होते हैं
बेनाम –
गुमनाम या बदनाम

लिख जाते हैं, अमर प्रेम
पा जाते हैं खिताब

खतरनाक होते हैं ऐसे रिश्ते
लांघ जाते हैं दीवारें
टूट जाते है, बिखर जाते हैं
देते देते अंजाम

बस होते हैं
ऐसे कुछ रिश्ते

पाने की ख्वाहिश
उड़ने की चाहत
मिलने की प्यास
रहने की तड़प

गुलज़ार की जुबानी –
ज़िन्दगी तेरे ग़म ने रिश्ते नए सिखलाये





प्रतिबिम्ब

21 05 2010

अकेलेपन के साए सच लगते हैं
इस अंधेर कमरे में कुछ ढूँढता
एक कदम लम्बे रास्ते
चले थे एक, निकले कई

थामे वक़्त का हाथ दूर निकल आये
अरसा लगता है पल-पल
पिछड़े मोड़ पर थमे थे
न मूड़ सके हम, रुके कई

यह कैसी है जंजीरें पैरों में
लिए फिरते है सीने से लगाये
अदा बन गयी है इसकी
उठा लिए हर बार, गिराए कई





Praan प्राण প্রান

19 03 2010

Performed by Matt Harding. Music by Gary Schyman. Sung by Palbasha Siddique.

Penned by Rabindrnath Tagore. Published in his Nobel award winning book of Bengali poetry, Gitanjali, in 1910.

It took 100 years to understand this poetry and make others understand!

SING ALONG – Dedicated to my sister on her birthday and her baby

Praan

Bhulbonaar shohojete
Shei praane mon uthbe mete
Mrittu majhe dhaka ache
je ontohin praan

Bojre tomar baje bashi
She ki shohoj gaan
Shei shurete jagbo ami

Shei jhor jeno shoi anonde
Chittobinar taare
Shotto-shundu dosh digonto
Nachao je jhonkare!

– Rabindranath Tagore
The same stream of life that runs through my veins night and day runs through the world and dances in rhythmic measures. It is the same life that shoots in joy through the dust of the earth in numberless blades of grass and breaks into tumultuous waves of leaves and flowers. It is the same life that is rocked in the ocean-cradle of birth and of death, in ebb and in flow. I feel my limbs are made glorious by the touch of this world of life. And my pride is from the life-throb of ages dancing in my blood this moment.

प्राण

भुल्बोना आर शोहोजेते

शेई प्राण इ मों उठबे मेटे

मृत्तु माझे ढाका आछे

जे ओंतोहीं प्राण

बोजरे तोमार बाजे बाशी

शे की शोहोज गान

शेई शुरते जागबो आमी

शेई झोर जेनो शोई आनोंदे

चित्तोबिनार तारे

शोत्तो-शिन्धु  दश दिगोंतो

नाचाओ जे झोंकारे

– रबिन्द्रनाथ टगोर

वही जीवन की धारा जो मेरे नसों में दिन-रात दौड़ती है, इस पृथ्वी में भी दौड़ती है और ताल-लय पर नाचती है| यह वही जीवन धारा है जो धरती की मिट्टी को चीर कर अनगिनत घास के बाण बन जाती है या पत्तियों और फूलों के लहर बन जाती है | यह वही जीवन धारा है जो महासागर में है – जीवन और मरण का पलना, उतार या चडाव में | मुझे अनुभव होता है की इस जीवन धारा के स्पर्श से मेरे अंग तेजस्वी हो गए है | और मेरा अभिमान इसी जीवन धारा से है जो सदियों से धड़क रहा है और मेरे खून में अभी नाच रहा है |

প্রান

ভুলবনা আর সহজেতে

সেই প্রান এ মন উঠবে মেতে

মৃত্যু মাঝে ঢাকা আছে

যে অন্তহীন প্রান

বজ্রে তোমার বাজে বাসী

সে কি সহজ গান

সেই সুরেতে জাগবো আমি

সেই ঝর যেনো সি আনন্দে

চিত্তবিনার তারে

সত্য-সিন্ধু দশ দিগন্ত

নাচাও যে ঝঙ্কারে

–          রবীন্দ্রনাথ তাগোর





Bombarded with quotations कथनों की तोप

22 01 2010
Why quotations? Quotations are like energy tablets, they are small and compact but very powerful. Quotes provide instant new perspective and carries it in a light-heart way. What makes quotations so appealing is its power to attract attention with the use of small words and short sentences. However, the downside of quotation, what I find is that, it does not stay longer with the reader, unless the quote has really pierced through the heart or the mind. I am gathering some of the finest quotations made by the invaluable experiences of the thinkers and doers. Below are the selected quotes that I shortlisted that would provide a fresh lens to see oneself and others.

कथने क्यों ? कथन उर्जा गोली की तरह होती है, छोटी मगर जबरदस्त | कथने एक नए नज़रिए को तुरंत दर्शाती है और उसे  मोदक रूप में प्रस्तुत करती है | छोटे शब्दों और वाक्यों से ध्यान आकर्षित करने की शक्ति कथनों को आकर्षक बनाता है | लेकिन, कथनों की कमी, जो मुझे लगता है, यह है कि वो पाठक के साथ ज्यादा देर तक नहीं रहती – जब तक कि ऐसी कोई बात दिल या दिमाग को चीरती हुई न निकल जाये |  मैं श्रेष्ठ कथनों को बंटोर रहा हूँ, वे कथन जो विचारकों और कर्ताओं के अमूल्य अनुभवों से बने है | नीचे चुनिन्दा कथन है जिनकी मैंने सूची तैयार की है | यह सूची एक ताज़े शीशे की तरह है जिसमे खुद को और दूसरों को नविन या भिन्न दृष्टिकोण से देख सकते है |

Quotations of Sir Winston Churchill:  सर विंस्टन चर्चिल के कथन:

Churchill was the Prime Minister of Britain during the World War II  from 1940 through 1945 and again from 1951 through 1955. He was noted for his statesmanship and oratory skill though he had speech impediment for which he worked consistently to overcome. He is popularly known as the man with a unique humor during his time. Below are his some of the favored quotations.

चर्चिल विश्व युद्ध २ के समय, १९४० से लेकर १९४५ तक, ब्रितानी प्रधान मंत्री थे और दोबारा १९५१ से १९५५ तक बने | वे राजनीतिज्ञ और वकृत्व कला के लिए जाने जाते थे हलाकि वे हकलाकर बोलते थे जिसको दूर करने के लिए वे निरंतर प्रयास करते थे| वे अपने अनूठ॓ हास्य वाक्यों के लिए प्रसिद्ध थे | नीचे मेरे पसंदीदा कथन है |

Always remember, a cat looks down on man, a dog looks up to man, but a pig will look man right in the eye and see his equal.

हमेशा याद रहे, बिल्ली आदमी को नीचे नज़र से देखती है, कुत्ता आदमी को सम्मानित नज़र से देखता है, मगर सूअर आदमी से नज़र मिला कर देखता है और उसे अपने बराबर समझता है |


I was not the lion, but it fell to me to give the lion’s roar.

मैं शेर नहीं था, मगर मुझे लगा कि शेर की दहाड़ देनी चाहिए |

An appeaser is one who feeds a crocodile, hoping it will eat him last.

एक चापलूस (या दूसरों को संतुष्ट, खुश रखनेवाला) वह व्यक्ति है जो मगरमच्छ को इस आशा में खिलाये कि मगरमच्छ उसे अंतिम में खाए |

You were given a choice between war and dishonor. You chose dishonor and you will have war.

तुम्हे युद्ध या अपमान (बेईज़ती) में से एक को चुनना है | तुमने अपमान को चुना, इसलिए तुम्हे युद्ध  भी मिलेगी |


It takes courage to stand up and speak. It also takes courage to sit down and listen.

जवाबदेही के लिए हिम्मत की ज़रुरत होती है | शांतिपूर्वक सुनने के लिए भी हिम्मत की ज़रुरत होती है |


It takes courage to stand up and walk. It also takes courage to stop and stay.
उठ कर कदम बड़ाने के लिए हिम्मत चाहिए |  रुकने और स्थायी रहने के लिए भी हिम्मत चाहिए|

It is more agreeable to have the power to give than to receive.

देने की शक्ति लेने से ज्यादा उपयोगी  है |


There are people, who the more you do for them, the less they will do for themselves.
– Jane Austen, English novelist

ऐसे लोग है जिनका जितना ज्यादा करो, उतना कम वे खुद के लिए करेंगे |
– जेन ऑस्टेन, अँगरेज़ उपन्यासकार

Two things are infinite: the universe and human stupidity; and I am not sure about the universe.
-Albert Einstein, American scientist

दो चीज़े अनंत है: ब्रह्माण्ड और मानव मूर्खता; और मैं ब्रह्माण्ड के बारे में निश्चित नहीं हूँ |
– अल्बर्ट आइनस्टाइन, अमरीकी वैज्ञानिक

Broadly speaking, the short words are the best, and the old words best of all.
-Winston Churchill, British Prime Minister and statesman

मोटे तौर पर, छोटे शब्द सबसे अच्छे है, और पुराने शब्द सबसे बेहतरीन |
-विंस्टन चर्चिल, ब्रितानी प्रधान मंत्री और राजनितज्ञ