_ife

2 02 2011

_ife

 

Broken, shattered, pointed pieces

tinkering shards – a life

 

Unthawed bleeding juicy token of flesh

sowing shreds – a life

 

Thrown down, crawling up, grappling ropes

tumultuous, carving leads – a life

 

Snatched, grabbing, recklessly loose

gluttonous lusty, threading bonds – a life

 

Sloth, dragged, limped, faltering

yet thickly textured, darkly vibrant, defiantly expressive

surviving, debauching, uncaringly vitiating

anomalous blotch, gloriously flagging existence – that very _ife





करियर

12 03 2009

सफ़र की क्या मंजिल हो

लहरों का क्या साहिल हो

माझी का क्या नाव हो

सपनो की क्या उड़ान हो

देखते थे यह सब ,सपनों में

सोचते थे यह सब, दिनों में

करते थे यह सब, खेलो में

सुनते थे यह सब, झुंडों में

किया क्या या यह क्या किया

सवाल था सीधा सा

किया वही जो सबने किया

क्या चाहा वोह न किया

पर किया वही जो सबने किया

देखो ,सुनो पर बोलो मत

घरों में लॉटरी आया

पैसे की जगह डिग्री लाया

अब आप भी बन सकते है म.बी.ऐ.

दीजे दो जवाब और १ लाख रुपये

किया वही जो सबने किया

वो माझी और लहरें फिर याद आये

कल के झुंड आज भी आये

सपनो की फूटी कटोरी में खून से लतपत अपनी कल्पना लाये